वंदे मातरम साथियों
“प्रयास- एक पहल” संस्था के “हिंदुस्तान 1st” आंदोलन से जुड़ने का हर व्यक्ति के पास अलग अलग करण है। जहां तक मेरा सवाल है मैं जुड़ा हूं “पूर्ण स्वराज” के लिए। वह ही पूर्ण स्वराज जिसके लिए 732000 से अधिक शहीदों ने शहादत दी है। 1947 में हिंदुस्तान तो आजाद हो गया लेकिन शहीदों का पूर्ण स्वराज और हिंदुस्तान को विश्वगुरु बनाने का सपना आज भी अधूरा है। यही वो मंच है जिसके माध्यम से एक ऐसे हिंदुस्तान का निर्माण हो सकता है जो सक्षम हो, जो समर्द्ध हो, जो शिक्षित हो, जो स्वस्थ हो। एक ऐसा हिंदुस्तान जहां आय का समान बटवारा हो, जहां धर्म के नाम पर, जाति के नाम पर, रंग के आधार पर और भौगोलिक दृष्टि आधार पर लोगों को ना बांटा जाए। हम एक बार फिर उस हिंदुस्तान के दर्शन करना चाहते हैं जो कभी विश्व गुरु होता था, जिसने पूरी दुनिया को ज्ञान का संदेश दिया था।

संपूर्ण समस्याओं का समाधान मुझे इसी मंच पर मिला है । मैं आप सबसे प्रार्थना करना चाहूंगा की आईए और इस मुहिम में हमारा साथ दीजिए ।
इंकलाब जिंदाबाद जय हिंद जय भारत